मूल विचार
अष्टकवर्ग ग्रह और लग्न से संबंधित निश्चित स्थानों पर बिंदुओं का वितरण देखकर राशियों की तुलनात्मक शक्ति पढ़ने की एक पारंपरिक गणना-पद्धति है। प्रत्येक ग्रह का भिन्नाष्टकवर्ग अलग देखा जाता है। संबंधित तालिकाओं को जोड़ने से सर्वाष्टकवर्ग का समेकित रूप मिलता है।
बिंदु किस काम आते हैं?
बिंदुओं की संख्या किसी राशि/स्थान की तुलना के लिए संकेत देती है; वह अकेले किसी घटना की गारंटी नहीं है। गोचर का अध्ययन करते समय संबंधित ग्रह का भिन्नाष्टकवर्ग और सर्वाष्टकवर्ग दोनों संदर्भ देते हैं। गणना से पहले कौन-सी पद्धति और कौन-सी तालिका अपनाई गई है, यह स्पष्ट रखें।
अध्ययन में सावधानी
राशि, भाव, भावेश, दशा और प्रश्न का संदर्भ देखना जरूरी है। सॉफ्टवेयर में अयनांश या गणना-विकल्प बदलने से तालिका की तुलना भ्रमित कर सकती है। अभ्यास के लिए पहले एक ग्रह की भिन्नाष्टकवर्ग तालिका हाथ से पढ़ें, फिर समेकित सारणी देखें। षड्बल से इसका उद्देश्य अलग है।
विस्तार से पढ़ें: विवान / Vivaan
हर्षज्योतिषम् / HarshJyotisham की दूसरी पुस्तक ‘विवान / Vivaan’ में षड्बल, भावबल, अष्टकवर्ग और अन्य गहन विषयों के उदाहरण दिए गए हैं। पुस्तक का परिचय मुखपृष्ठ पर देखें। पुस्तक देखें →