राशि का अर्थ
ज्योतिष में निरयण राशिचक्र को बारह बराबर भागों में बाँटकर प्रत्येक भाग को 30 अंश का माना जाता है। मेष से मीन तक राशियों का क्रम स्थिर है। किसी ग्रह के “राशि में” होने का अर्थ है कि उसकी गणना की गई देशांतर स्थिति उस 30 अंश के खंड में आती है। राशि पूरी कुंडली नहीं है; यह कुंडली का एक निर्देशांक है।
लग्न और चंद्रराशि एक नहीं
लग्न जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि से जुड़ा है। चंद्रराशि चंद्रमा की राशि है। सामान्य बोलचाल की “मेरी राशि” कई बार चंद्रराशि के लिए प्रयुक्त होती है, जबकि कुछ लोकप्रिय राशिफल सूर्यराशि पर आधारित होते हैं। अध्ययन में बताना चाहिए कि किस राशि की बात हो रही है।
राशियों को कैसे पढ़ें?
चर, स्थिर और द्विस्वभाव जैसे वर्गीकरण तथा तत्व की चर्चा आरंभिक संकेत देते हैं। ग्रह की स्थिति पढ़ते समय उसके भाव, स्वामी, दृष्टि और अन्य संबंधों को भी देखें। केवल राशि के नाम से व्यक्तित्व या घटना का निश्चित निष्कर्ष निकालना सरल लेकिन अधूरा तरीका है।
राशि समझने के बाद भाव और अध्ययन-क्रम पर जाएँ।
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