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बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् · अध्याय 27 · अध्यायः २७ (स्पष्टबलाध्यायः)

शास्त्रीय ग्रंथ केन्द्र / बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम्

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बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् 27.5

शुक्रेन्दू समभांशेऽन्ये विषमेऽङ्‌घ्रिमितं बलम्‌।
केन्द्रादिषुस्थिताः खेटाः पूर्णाऽर्धाऽङ्‌घ्रिमितं क्रमात्‌॥ ५॥

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अध्याय 27 · स्रोत संस्करण: https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A5%83%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83_%E0%A5%A8%E0%A5%AD_(%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83)&oldid=74899