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बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् · अध्याय 5 · अध्यायः ५ (विशेषलग्नाध्यायः)

शास्त्रीय ग्रंथ केन्द्र / बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम्

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बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम् 5.14

मेषमीनादितः पश्चाद्यो राशिः स तु वर्णदः।
एतत्प्रयोजनं वक्ष्ये सृणु त्वं द्विजपुंगवः।
होरालग्नभयोर्नेया सबलाद्‌वर्णदा दशा॥ १४॥

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अध्याय 5 · स्रोत संस्करण: https://sa.wikisource.org/w/index.php?title=%E0%A4%AC%E0%A5%83%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A5%8D/%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83_%E0%A5%AB_(%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%87%E0%A4%B7%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%83)&oldid=74381